
शहडोल – ग्राम पंचायत सरवरी मराठा टोला में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर स्थल की 2.5 एकड़ शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत ने वर्ष 2014-15 में इस भूमि को अंबेडकर स्थल के लिए अनुमोदित कराया था, लेकिन आज 70% भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है।

नामांतरण नहीं, फिर भी बाउंड्री निर्माण!
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच व सचिव द्वारा बिना नामांतरण, बिना स्वीकृत नक्शा और एस्टीमेट के ही सरकारी राशि से बाउंड्री वॉल बनवाई जा रही है। ईंट, गिट्टी, रेत और सीमेंट की खरीदी में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और सरकारी खजाने को बंदरबांट की तरह खर्च किया जा रहा है।
70% जमीन पर जबरन कब्जा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रुद्दू पिता लक्षु अहिरवार, रामसुफल पिता भोला उर्फ गोगा और भैया लाल बैगा ने उक्त भूमि के बड़े हिस्से पर जबरन कब्जा कर लिया है। ग्रामीण बताते हैं कि—
“बाबा साहब के नाम से आवंटित भूमि पर कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह स्थल हमारी आस्था और सम्मान से जुड़ा है।”
शिकायतें हुईं, कार्रवाई नहीं
इस मामले की शिकायत जून 2021 में तहसीलदार जैसीनगर, एसडीएम जैसीनगर और कलेक्टर शहडोल से की गई थी। इसके बाद 23 जून 2025 को भीम आर्मी संगठन ने भी ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से अपील की है कि —
शासकीय भूमि का नामांतरण कर सीमांकन कराया जाए।
अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए।
बाउंड्रीवॉल का निर्माण सही नक्शे और प्रक्रिया के तहत कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र कदम नहीं उठाए तो वे बड़े आंदोलन की राह पर चलने को मजबूर होंगे।

